रूस-यूक्रेन युद्ध 2026: नए साल पर भीषण मिसाइल हमलों से दहला कीव, जेलेंस्की की पश्चिमी देशों से ‘अंतिम गुहार’—क्या यह युद्ध का निर्णायक मोड़ है?

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रूस-यूक्रेन युद्ध 2026: नए साल पर भीषण मिसाइल हमलों से दहला कीव, जेलेंस्की की पश्चिमी देशों से ‘अंतिम गुहार’—क्या यह युद्ध का निर्णायक मोड़ है?

कीव/मॉस्को | 2 जनवरी 2026: दुनिया ने भले ही शांति की उम्मीद के साथ 2026 में कदम रखा हो, लेकिन पूर्वी यूरोप के युद्ध के मैदान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा यह संघर्ष अब अपने चौथे साल में प्रवेश करने के करीब है, और नए साल के दूसरे दिन भी मोर्चे पर खामोशी के बजाय धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है।

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आज की ताजा स्थिति यह है कि रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा ‘ड्रोन और मिसाइल’ हमला किया है।


1. नए साल पर ‘मिसाइल वार’: कीव में ब्लैकआउट

बीती रात रूस ने यूक्रेन के ऊपर लगभग 150 से ज्यादा मिसाइलें और ‘शाहिद’ ड्रोन्स दागे। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस का मुख्य लक्ष्य यूक्रेन के बचे-कुचे बिजली संयंत्र (Power Plants) थे ताकि कड़ाके की ठंड में देश को अंधेरे में धकेला जा सके।

  • असर: राजधानी कीव के 40% हिस्से में बिजली गुल है।
  • हताहत: रिहायशी इलाकों में मिसाइल गिरने से कम से कम 12 नागरिकों की मौत की खबर है।

2. मोर्चे पर ताजा स्थिति: डोनबास में भीषण जंग

जमीनी जंग अब डोनबास क्षेत्र के छोटे शहरों में सिमट गई है, लेकिन यहाँ गोलाबारी की तीव्रता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक देखी जा रही है।

  • रूसी बढ़त: रूसी सेना ने पोक्रोव्स्क (Pokrovsk) की ओर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शहर गिरता है, तो यूक्रेन के लिए रसद (Supply line) पहुंचाना नामुमकिन हो जाएगा।
  • यूक्रेन का पलटवार: यूक्रेन ने भी हार नहीं मानी है। आज सुबह यूक्रेन ने रूसी सीमा के अंदर बेलगोरोड (Belgorod) इलाके में लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया, जिसमें रूस के एक तेल डिपो को निशाना बनाया गया।

3. जेलेंस्की की ‘अंतिम गुहार’: “हमें हथियारों की नहीं, अब समाधान की जरूरत”

राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आज एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) से सीधे शब्दों में कहा:

“हम केवल अपनी जमीन नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का लोकतंत्र बचा रहे हैं। यदि 2026 में हमें आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense Systems) और लंबी दूरी की मिसाइलें नहीं मिलीं, तो यह युद्ध हमारे हाथ से निकल सकता है।”


4. पुतिन का रुख: “लक्ष्य पूरा होने तक कोई समझौता नहीं”

वहीं मॉस्को में, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नए साल के संबोधन के बाद सेना के कमांडरों के साथ बैठक की। पुतिन ने स्पष्ट कर दिया है कि रूस पीछे हटने के मूड में नहीं है। क्रेमलिन का मानना है कि पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था अब इस युद्ध को और अधिक झेलने की स्थिति में नहीं है, और रूस इसी ‘थकान’ (War Fatigue) का फायदा उठाना चाहता है।


5. वैश्विक प्रभाव: क्या 2026 में शांति संभव है?

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि भारत और तुर्की एक बार फिर मध्यस्थता (Mediation) की कोशिश कर सकते हैं।

  • जी-7 की बैठक: आने वाले हफ्तों में होने वाली जी-7 बैठक में यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
  • तेल और गैस: युद्ध जारी रहने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर $100 के पार जाने का डर पैदा हो गया है।

निष्कर्ष: एक अंतहीन त्रासदी?

2 जनवरी 2026 की यह सुबह यूक्रेन के लिए धुएं और मलबे के बीच शुरू हुई है। रूस-यूक्रेन युद्ध अब उस मोड़ पर है जहाँ कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है, लेकिन कीमत मासूम जनता को चुकानी पड़ रही है। क्या 2026 वह साल होगा जब बंदूकों की आवाज थमेगी? यह आने वाले कुछ महीने तय करेंगे।

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