Aravalli Hills: जाने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जानकारी

Posted by

Aravalli Hills: जाने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने पूरी जानकारी

क्या हुआ आज? सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए अपने ही 20 नवंबर के आदेश पर रोक (Stay) लगा दी है। कोर्ट ने माना कि अरावली को केवल 100 मीटर से ऊँची पहाड़ियों तक सीमित करना पर्यावरण के लिए ‘आत्मघाती’ हो सकता है।

Thank you for reading this post, don’t forget to subscribe!

1. कोर्ट की सबसे बड़ी चिंता: 12,081 में से सिर्फ 1,048 पहाड़ियाँ!

सुनवाई के दौरान चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया। अगर 100 मीटर वाला नियम लागू होता, तो राजस्थान की 12,081 पहाड़ियों में से केवल 1,048 ही ‘अरावली’ मानी जातीं।

  • नतीजा: बाकी की 11,000 से ज्यादा पहाड़ियाँ भू-माफिया और खनन (Mining) के लिए खुल जातीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अरावली को इस तरह “खत्म” होने नहीं दे सकते।

2. नई ‘High-Powered’ कमेटी का गठन

कोर्ट अब सरकार की पुरानी कमेटी की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करेगा।

  • कौन होंगे सदस्य: अब एक नई कमेटी बनेगी जिसमें IIT के विशेषज्ञ, पर्यावरणविद् और जियोलॉजिस्ट शामिल होंगे।
  • काम: यह कमेटी वैज्ञानिक तरीके से अरावली की नई और सुरक्षित परिभाषा तय करेगी ताकि ‘इकोलॉजिकल बैलेंस’ न बिगड़े।

3. केंद्र और राज्यों को सख्त नोटिस

CJI सूर्यकांत की बेंच ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या इस परिभाषा से अरावली का ‘ग्रीन बैरियर’ (थार रेगिस्तान को रोकने वाली दीवार) कमजोर नहीं होगा?

4. राजनीति भी गरमाई

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीति भी तेज हो गई है:

  • विपक्ष (Congress): जयराम रमेश और अशोक गहलोत ने इस फैसले का स्वागत किया है और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग की है।
  • सरकार का रुख: पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और अरावली के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

‘Exclusive’ पॉइंट्स:

Timeline: अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी। तब तक 100 मीटर वाला नियम ‘ठंडे बस्ते’ में रहेगा।

Mining Ban: जब तक नई कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती, अरावली क्षेत्र में किसी भी नई माइनिंग लीज पर पूरी तरह रोक रहेगी।


follow for more updates – click here

click more