Namo Bharat RRTS Objectionable Video Case: नमो भारत में बढ़ती अश्लीलता पर प्रशासन सख्त, जानें पकड़े जाने पर कितनी होगी जेल?

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Namo Bharat RRTS Objectionable Video Case: नमो भारत में बढ़ती अश्लीलता पर प्रशासन सख्त, जानें पकड़े जाने पर कितनी होगी जेल?

नमो भारत (RRTS) में आपत्तिजनक हरकतें: सार्वजनिक संपत्तियों पर बढ़ती अश्लीलता, समाज पर इसका असर और क्या कहता है कानून?

नई दिल्ली/NCR | 3 जनवरी 2026:

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भारत की पहली हाई-स्पीड रीजनल रेल, नमो भारत (RRTS), जो अपनी तकनीक और आधुनिकता के लिए जानी जाती है, आजकल किसी और कारण से चर्चा में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें कुछ युवक-युवतियों को ट्रेन के डिब्बों और स्टेशनों के कोनों में आपत्तिजनक (S*xual) हरकतें करते देखा गया है।

यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता (Public Morality) और नागरिक अनुशासन पर एक बड़ा सवालिया निशान है। इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि ऐसी घटनाओं का समाज पर क्या असर पड़ता है और NCRTC (National Capital Region Transport Corporation) इस पर क्या कानूनी कार्रवाई कर सकता है।


1. सार्वजनिक संपत्तियों पर बढ़ता ‘अश्लीलता’ का ट्रेंड

पिछले कुछ समय में दिल्ली मेट्रो के बाद अब नमो भारत में भी रील बनाने और आपत्तिजनक हरकतें करने का चलन बढ़ा है। लोग केवल चंद ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ के लिए सार्वजनिक स्थानों की गरिमा भूल रहे हैं।

  • सोशल मीडिया का दबाव: वायरल होने की होड़ में युवा यह भूल जाते हैं कि वे एक ऐसी जगह पर हैं जहाँ बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं भी सफर करते हैं।
  • सीसीटीवी और सुरक्षा को चुनौती: कड़ी सुरक्षा के बावजूद ऐसी घटनाओं का होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है।

2. कानून क्या कहता है? (Legal Consequences)

भारतीय कानून में सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना एक दंडनीय अपराध है।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 (पहले IPC 294): यह धारा सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्यों से संबंधित है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • RRTS के नियम: NCRTC के नियमों के अनुसार, ट्रेनों में सह-यात्रियों को परेशान करना, अश्लीलता फैलाना या रील बनाना मना है। पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और भविष्य में यात्रा पर प्रतिबंध (Blacklist) लगाया जा सकता है।

3. समाज और देश पर इसका क्या असर पड़ेगा?

ऐसी घटनाओं का समाज के विभिन्न वर्गों पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है:

A. परिवारों और बच्चों पर प्रभाव

नमो भारत जैसी ट्रेनें अक्सर परिवारों द्वारा सफर के लिए उपयोग की जाती हैं। यदि बच्चे ऐसी हरकतें देखेंगे, तो उनकी मानसिक स्थिति पर गलत असर पड़ता है। इससे सार्वजनिक परिवहन के प्रति परिवारों का भरोसा कम होता है।

B. महिलाओं की सुरक्षा और असहजता

सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी अश्लीलता महिलाओं के लिए असहज माहौल पैदा करती है। यह एक तरह का मानसिक उत्पीड़न है, जिससे महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं।

C. वैश्विक छवि (Global Image)

भारत वंदे भारत और नमो भारत जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए दुनिया को अपनी आधुनिकता दिखा रहा है। लेकिन जब ऐसी घटनाओं के वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल होते हैं, तो देश की छवि ‘असभ्य’ और ‘अनुशासनहीन’ समाज के रूप में बनती है।


4. NCRTC और प्रशासन क्या कदम उठा रहा है?

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है:

  1. सादे कपड़ों में पुलिस (Plain Clothes Police): अब ट्रेनों में सादे कपड़ों में मार्शल तैनात किए जा रहे हैं ताकि ऐसी हरकतों पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।
  2. चेहरा पहचानने वाली तकनीक (Face Recognition): सीसीटीवी की मदद से हुड़दंगियों और अश्लीलता फैलाने वालों की पहचान कर उन्हें परमानेंट ब्लॉक किया जा रहा है।
  3. जागरूकता अभियान: स्टेशनों पर लगातार लाउडस्पीकर के जरिए यात्रियों को शालीनता बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है।

5. निष्कर्ष: नागरिक जिम्मेदारी सबसे बड़ी

केवल कानून बनाने से समाज नहीं बदलता। एक नागरिक के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम सार्वजनिक संपत्तियों को अपना समझें। अगर आप ऐसी कोई घटना देखते हैं, तो तुरंत ट्रेन में मौजूद ‘Emergency Alarm’ बटन दबाएं या स्टेशन स्टाफ को सूचित करें।

याद रखें, आधुनिक ट्रेनें हमें बेहतर सफर देने के लिए हैं, अश्लीलता फैलाने के लिए नहीं।

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