Unnao Rape Case Breaking: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत पर तत्काल रोक; जानें क्या रही कोर्ट की 5 बड़ी दलीलें

Posted by

Unnao Rape Case Breaking: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत पर तत्काल रोक; जानें क्या रही कोर्ट की 5 बड़ी दलीलें


तारीख: 29 दिसंबर, 2025

Thank you for reading this post, don’t forget to subscribe!

अदालत: सुप्रीम कोर्ट (चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच)

आज सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने और उसे जमानत देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है।

1. क्या अब सेंगर जेल से बाहर आएगा?

बिल्कुल नहीं। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेगा।

  • जमानत रद्द: हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को उसे रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने ‘सस्पेंड’ कर दिया है।
  • अन्य मामले: सेंगर पहले से ही पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) के मामले में 10 साल की सजा काट रहा है, जिसमें उसे कोई राहत नहीं मिली है।

2. कोर्ट में क्या हुई बहस? (CBI vs Sengar)

CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश कीं:

  • “भयावह अपराध”: उन्होंने इसे एक मासूम बच्चे के साथ हुआ “भयावह रेप” बताया और कहा कि सेंगर एक ताकतवर विधायक था जिसने अपने पद का दुरुपयोग किया।
  • सार्वजनिक सेवक (Public Servant) का विवाद: हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सेंगर ‘लोक सेवक’ की परिभाषा में नहीं आता। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा— “अगर एक कांस्टेबल या पटवारी लोक सेवक हो सकता है, तो एक चुना हुआ विधायक क्यों नहीं?”

3. सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां

  • कोर्ट ने कहा कि इस मामले में ‘कानून के कई गंभीर सवाल’ शामिल हैं, जिन पर गहराई से विचार करने की जरूरत है।
  • चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सामान्य तौर पर हम जमानत मिलने के बाद उसे तुरंत नहीं रोकते, लेकिन इस मामले के “असाधारण तथ्यों” को देखते हुए रोक लगाना जरूरी है।
  • कोर्ट ने सेंगर को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई जनवरी के आखिरी हफ्ते में होगी।

4. पीड़िता और परिवार का बयान

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पीड़िता ने खुशी जताते हुए कहा, “मेरा न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट ने आज साबित कर दिया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।” पीड़िता की मां ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई है।


for more update – click here

click more